ठाकुरताल क्षेत्र बनेगा जबलपुर का नया पर्यटन आकर्षण, बन रहा है जंगल सफारी-जू और संग्रामसागर झील विकास का भव्य प्लान
ठाकुरताल क्षेत्र बनेगा जबलपुर का नया पर्यटन आकर्षण, बन रहा है जंगल सफारी-जू और संग्रामसागर झील विकास का भव्य प्लान
जबलपुर, मध्य प्रदेश: शहर के प्रसिद्ध मदन महल की पहाड़ियों में स्थित ठाकुरताल क्षेत्र को अब एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में ‘फॉरेस्ट सफारी-जू सह रेस्क्यू सेंटर’ और ऐतिहासिक संग्रामसागर झील के विकास की योजना भी शामिल है।
करीब 85 से 100 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली इस परियोजना का उद्देश्य पर्यटकों को प्राकृतिक वन्यजीवन और आधुनिक तकनीक का मिला-जुला अनुभव देना है। इस पर्यटन हब में आने वाले लोगों को जहां एक ओर जंगल सफारी के रोमांच का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर अत्याधुनिक जू और रेस्क्यू सेंटर भी वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।
इस महत्वाकांक्षी योजना को मूर्त रूप देने के लिए लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने हाल ही में वन मंडलाधिकारी ऋषि मिश्रा और परियोजना से जुड़े परामर्शदाता के साथ विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान परियोजना की रूपरेखा को अंतिम रूप देने पर विशेष ध्यान दिया गया।
मंत्री राकेश सिंह ने जानकारी दी कि इस परियोजना की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) अगले तीन महीनों के भीतर तैयार कर ली जाएगी। इसके बाद विकास कार्य तेजी से शुरू किए जाएंगे। उनका कहना है कि यह परियोजना ना केवल जबलपुर को पर्यटन के मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगी, बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगी।
संग्रामसागर झील, जो पहले ही एक शांत और दर्शनीय स्थल के रूप में जानी जाती है, को इस योजना के तहत और अधिक आकर्षक रूप दिया जाएगा। इसके चारों ओर सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी ताकि पर्यटक यहां अधिक समय बिता सकें।
राज्य सरकार का यह कदम जबलपुर के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। ठाकुरताल क्षेत्र की यह रूपांतरण परियोजना निश्चित ही आने वाले वर्षों में मध्य प्रदेश के पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगी।
इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि यहां हर उम्र के पर्यटकों के लिए कुछ न कुछ नया और रोमांचक होगा।
इस परियोजना में एक खास ‘रिप्टाइल हाउस’ तैयार किया जाएगा, जहां घड़ियालों और सांपों के लिए अलग-अलग विशेष क्षेत्र बनाए जाएंगे। यह स्थान न केवल रोमांचकारी अनुभव देगा, बल्कि लोगों को इन प्रजातियों के बारे में जागरूक भी करेगा। वहीं, रंग-बिरंगे विदेशी और स्थानीय पक्षियों के लिए भी समर्पित स्थान बनाए जाएंगे, जहां पर्यटक शांतिपूर्वक बैठकर उन्हें निहार सकेंगे।
इसके अलावा, एक ‘एक्ज़ॉटिक पार्क’ भी परियोजना का हिस्सा होगा, जिसमें ज़ेब्रा और जिराफ जैसे विदेशी जानवरों को रखा जाएगा। यह मध्य भारत के किसी भी अन्य पर्यटन स्थल में दुर्लभ अनुभव होगा। साथ ही, ‘वॉटर इंटरप्रिटेशन सेंटर’ और ‘स्पीशीज़-वाइज़ इंटरप्रिटेशन सेंटर’ भी इस प्रोजेक्ट में जोड़े जा रहे हैं, जो पर्यटकों को विभिन्न प्रजातियों और जल जीवन से जुड़ी जानकारी बेहद रोचक तरीके से देंगे।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि ठाकुरताल से लेकर संग्रामसागर झील तक का पूरा क्षेत्र एक एडवेंचर जोन के रूप में तैयार किया जाएगा। यहां पर्यटकों के लिए ट्रेकिंग ट्रेल्स, ज़िपलाइनिंग और बोटिंग जैसी साहसिक गतिविधियों की भी व्यवस्था होगी। यह सब मिलकर इस पूरे इलाके को मध्य प्रदेश का एक नया और पूर्ण इको-एडवेंचर डेस्टिनेशन बना देगा।
इतना ही नहीं, प्राकृतिक सुंदरता को करीब से देखने और सुकून के पल बिताने के लिए व्यू पॉइंट्स जैसे प्राकृतिक विश्राम स्थल भी विकसित किए जाएंगे। पर्यटक इन जगहों से पूरे क्षेत्र की पहाड़ियों, झील और वन्य जीवन का विहंगम दृश्य देख सकेंगे।
इस संपूर्ण परियोजना का उद्देश्य केवल पर्यटन को बढ़ावा देना ही नहीं, बल्कि प्रकृति और वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति जनजागरूकता भी बढ़ाना है। जबलपुर का यह नया प्रयास न केवल राज्य के लोगों को, बल्कि देशभर से आने वाले पर्यटकों को एक अनोखा अनुभव देने वाला है।