जापानी ऑटोमोबाइल निर्माता निसान ने भारत में अपनी नई C-सेगमेंट SUV ‘Tekton’ का अनावरण किया है, जिसे 2026 के मध्य में लॉन्च किए जाने की संभावना है। यह SUV Hyundai Creta, Kia Seltos, Maruti Suzuki Grand Vitara और Toyota Urban Cruiser Hyryder जैसी लोकप्रिय मॉडलों को टक्कर देगी। Tekton, Renault-Nissan गठबंधन के CMF-B प्लेटफॉर्म पर आधारित है और इसे भारत के चेन्नई संयंत्र में बनाया जाएगा। इसमें पेट्रोल और डीजल इंजन विकल्प, 6-स्पीड मैनुअल और CVT ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, और ऑल-व्हील ड्राइव (AWD) विकल्प मौजूद होंगे। अनुमानित शुरुआती कीमत ₹11 लाख (Ex-Showroom) होगी, और इसे भारतीय सड़क और जलवायु परिस्थितियों के अनुसार तैयार किया गया है।

चीन की वाहन निर्माता Zeekr ने अपनी 001 मॉडल का नया संस्करण पेश किया है, जिसे दुनिया की सबसे तेज़ चार्ज होने वाली इलेक्ट्रिक कार (EV) बताया जा रहा है। इस वाहन को केवल कुछ मिनटों में फुल चार्ज किया जा सकता है और इसमें लंबी दूरी की बैटरी रेंज और हाई-परफॉर्मेंस फीचर्स हैं। यह लॉन्च वैश्विक EV उद्योग में तकनीकी नवाचार और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

भारत की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स की प्रीमियम हैचबैक टाटा अल्ट्रोज़ ने Bharat NCAP से 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग प्राप्त की है। यह रेटिंग पेट्रोल, डीजल और सीएनजी तीनों वेरिएंट्स के लिए समान रूप से लागू है। कार में 6 एयरबैग्स, इलेक्ट्रॉनिक स्टैबिलिटी कंट्रोल (ESC), 360° कैमरा, टायर प्रेशर मॉनिटर और ISOFIX चाइल्ड सीट एंकर जैसे एडवांस्ड सुरक्षा फीचर्स हैं। इसकी कीमत ₹6.89 लाख से ₹11.49 लाख तक है और यह ALFA प्लेटफॉर्म पर आधारित है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह उपलब्धि टाटा की सुरक्षा प्रतिबद्धता को दर्शाती है और भारतीय हैचबैक सेगमेंट में नए सुरक्षा मानक स्थापित करती है।

  • ChatGPT said:

    अमेरिकी नियामक ने टेस्ला के लगभग 2.8 मिलियन वाहनों पर जांच शुरू की है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या ये वाहन रेड लाइट उल्लंघन और अन्य ट्रैफिक नियमों का सही पालन कर रहे हैं। जांच में टेस्ला के ऑटोपायलट और सेमी-ऑटोनोमस ड्राइविंग फीचर्स पर भी ध्यान दिया जाएगा। संभावित उल्लंघन पाए जाने पर कंपनी को सुधारात्मक कदम या रिकॉल का आदेश मिल सकता है, जिससे सड़क सुरक्षा और निवेशकों के भरोसे पर असर पड़ सकता है।

जापान की Suzuki Motor ने भारत में अगले 5–6 वर्षों में लगभग 8 अरब डॉलर (₹67,000 करोड़ से अधिक) निवेश की घोषणा की है और गुजरात के Hansalpur प्लांट में अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार “e-Vitara” का उत्पादन शुरू किया है। यह मॉडल भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेचा जाएगा। बड़े निवेश से भारत में R&D, बैटरी निर्माण, चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और उत्पादन क्षमता को बढ़ावा मिलेगा, जिससे हजारों रोजगार पैदा होंगे। कंपनी का कहना है कि यह कदम भारत की ग्रीन मोबिलिटी और कार्बन उत्सर्जन घटाने की दिशा में महत्वपूर्ण होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि Suzuki की एंट्री से भारतीय EV बाजार में प्रतिस्पर्धा और तेज़ होगी। कंपनी 2030 तक भारत को अपना वैश्विक EV हब बनाने की योजना बना रही है।जापान की Suzuki Motor ने भारत में अगले 5–6 वर्षों में लगभग 8 अरब डॉलर (₹67,000 करोड़ से अधिक) निवेश की घोषणा की है और गुजरात के Hansalpur प्लांट में अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार “e-Vitara” का उत्पादन शुरू किया है। यह मॉडल भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेचा जाएगा। बड़े निवेश से भारत में R&D, बैटरी निर्माण, चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और उत्पादन क्षमता को बढ़ावा मिलेगा, जिससे हजारों रोजगार पैदा होंगे। कंपनी का कहना है कि यह कदम भारत की ग्रीन मोबिलिटी और कार्बन उत्सर्जन घटाने की दिशा में महत्वपूर्ण होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि Suzuki की एंट्री से भारतीय EV बाजार में प्रतिस्पर्धा और तेज़ होगी। कंपनी 2030 तक भारत को अपना वैश्विक EV हब बनाने की योजना बना रही है।

भारत की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुज़ुकी ने अपनी पहली बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (BEV) ई-वीटारा की 2,900 यूनिट्स यूरोप के 12 देशों में निर्यात की हैं। यह खेप गुजरात के हंसलपुर प्लांट से पिपावव पोर्ट के माध्यम से भेजी गई। ई-वीटारा में 49 kWh और 61 kWh बैटरी विकल्प हैं, और यह 2WD व 4WD (ALLGRIP-e) विकल्पों के साथ यूरोप में 346–426 किमी की रेंज देती है। कंपनी अगले 5-6 वर्षों में भारत में लगभग 8 अरब डॉलर निवेश करेगी, जिससे हंसलपुर प्लांट को वैश्विक EV हब बनाया जाएगा। इस कदम से भारत की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पहल और “मेक इन इंडिया” व “ग्रीन मोबिलिटी” लक्ष्य दोनों को बल मिलेगा।

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