भारत में वजन घटाने के लिए GLP-1 दवाओं का बढ़ता चलन
मुंबई में आयोजित इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2025 में GLP-1 थेरेपी पर चर्चा की गई, जो मोटापे से जूझ रहे लोगों के लिए एक प्रभावी उपाय साबित हो सकता है। GLP-1 (ग्लूकागन-लाइक पेप्टाइड-1) एक हार्मोन है जो शरीर में इंसुलिन के स्तर को नियंत्रित करता है और भूख को कम करता है। GLP-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट (GLP-1RA) दवाएं, जैसे सेमाग्लूटाइड और टिर्जेपाटाइड, वजन घटाने में मदद करती हैं।
GLP-1 थेरेपी के लाभ:
वजन में कमी: सेमाग्लूटाइड की एक मौखिक गोली ने एक चरण 3 परीक्षण में प्रतिभागियों के शरीर के वजन का औसतन 13.6% कम किया।
मांसपेशियों का संरक्षण: नई GLP-1 थेरेपी मांसपेशियों के नुकसान को कम करते हुए वजन घटाने में मदद करती हैं।
लंबी उम्र के लिए संभावनाएं: डॉ. अवि रॉय के अनुसार, GLP-1 दवाएं वजन घटाने के अलावा जीवनकाल बढ़ाने में भी मदद कर सकती हैं।
भारत में GLP-1 थेरेपी की स्थिति:
भारत में मोटापे की दर बढ़ रही है, और GLP-1 दवाएं वजन घटाने के लिए एक प्रभावी विकल्प बन रही हैं। फोर्टिस हेल्थकेयर जैसी संस्थाएं इस क्षेत्र में निवेश कर रही हैं।
सावधानियाँ और साइड इफेक्ट्स:
GLP-1 दवाओं के कुछ सामान्य साइड इफेक्ट्स में मतली, उल्टी, दस्त और पेट दर्द शामिल हैं। इन दवाओं का उपयोग केवल डॉक्टर की सलाह पर करना चाहिए, और इन्हें ओवर-द-काउंटर दवाओं के रूप में उपलब्ध नहीं होना चाहिए। निष्कर्ष:
GLP-1 थेरेपी मोटापे के इलाज में एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन यह जीवनशैली में सुधार, जैसे संतुलित आहार और नियमित व्यायाम, के साथ मिलकर सबसे प्रभावी परिणाम देती है। भारत में, जहां मोटापा एक बढ़ती हुई समस्या है, GLP-1 दवाएं एक प्रभावी उपचार विकल्प प्रदान करती हैं।