"पीडीएस घोटाले के आरोप से मचा सियासी भूचाल, अब कोर्ट में होगी सच्चाई की पड़ताल!"
जबलपुर से उठी सियासी हलचल, दिग्विजय सिंह को कोर्ट से नोटिस
मध्य प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमाई है। जबलपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को नोटिस जारी किया है। ये नोटिस भाजपा विधायक सुशील तिवारी ‘इंदू’ से जुड़ी कथित मानहानि के मामले में भेजा गया है।
दरअसल, पनागर विधानसभा से विधायक तिवारी ने आरोप लगाया था कि दिग्विजय सिंह ने उनके खिलाफ सार्वजनिक रूप से झूठे और छवि खराब करने वाले बयान दिए, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।
अब यह मामला अदालत की दहलीज़ पर पहुंच चुका है। कोर्ट के विशेष मजिस्ट्रेट डीपी सूत्रकार ने दिग्विजय सिंह को नोटिस जारी कर उनका पक्ष मांगा है। इस केस की अगली सुनवाई 21 जुलाई को तय की गई है।
क्या है पूरा मामला?
भाजपा विधायक सुशील तिवारी ‘इंदू’ की ओर से अदालत में पक्ष रखते हुए उनके वकील अभिजीत अवस्थी, जय कुमार द्विवेदी और रोहित रघुवंशी ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने 15 मई 2024 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर आरोप लगाए थे।
उनका कहना था कि विधायक तिवारी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत आने वाले अनाज में गड़बड़ी कर रहे हैं। दिग्विजय सिंह के मुताबिक, गरीबों तक पहुंचने वाला करीब 50 से 60 फीसदी अनाज कथित तौर पर बाजार में बेच दिया जाता है, जिससे भ्रष्टाचार और कालाबाजारी को बढ़ावा मिल रहा है।
विधायक के वकीलों का कहना है कि यह बयान बेबुनियाद है और सीधे तौर पर उनके मुवक्किल की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने के मकसद से दिया गया है।
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आरोप यह है कि दिग्विजय सिंह की प्रेस वार्ता को इंटरनेट और सोशल मीडिया पर फैलाकर विधायक सुशील तिवारी ‘इंदू’ की छवि खराब करने की कोशिश की गई।
बताया गया है कि इस मामले ने पार्टी के सदस्यों और मतदाताओं के बीच तिवारी की लोकप्रियता को नुकसान पहुंचाया और उनके पक्ष में वोटिंग में गिरावट आई।
सुनवाई के दौरान अदालत ने तर्कों को सुनते हुए कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अनुसार, जब भी इस तरह का मामला दर्ज किया जाए तो संबंधित पक्ष, इस केस में पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह को भी सुनना जरूरी है।
सुनवाई 21 जुलाई को तय, कोर्ट ने नोटिस जारी किया
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 223 के प्रावधानों के अनुसार, आरोपी पक्ष को सुनवाई के लिए नोटिस जारी किया जाए। इस मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को निर्धारित की गई है।
सुनवाई में अब बाकी बचे गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
इसी बीच, शिकायतकर्ता के गवाह गौरव कोरी के बयान अदालत में रिकॉर्ड किए गए हैं। शिकायतकर्ता के वकीलों ने कहा कि वे अन्य गवाहों को पेश नहीं करेंगे, इसलिए उन्होंने अपना सारा साक्ष्य पूरा कर लिया है और इससे पहले इस मामले में शिकायतकर्ता सुशील उर्फ ‘इंदू’ तिवारी और सोहेल फैजल खान के बयान दर्ज हो चुके आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत किए हैं।
राजद के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने बताया कि रणविजय साहू ने सदस्यता रसीद के साथ प्रतीक चिन्ह गमछा, फूलों की माला एवं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव की जीवनी पर लिखित पुस्तक गोपालगंज टू रायसीना देकर सम्मानित किया। इस मौके पार्टी के कई वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।